वैदिक व्रत एवं त्योहार निर्देशिका 2026
स्थानीय पूजा मुहूर्त, व्रत पारण समय और ग्रहों के गोचर प्रभावों की सटीक जानकारी
दीपावली (लक्ष्मी पूजन)
प्रकाश का पर्व, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और सुख-समृद्धि का स्वागत करता है।
करवा चौथ
सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, सुरक्षा और समृद्धि के लिए रखा जाने वाला व्रत।
दुर्गा पूजा (महा अष्टमी)
महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव। संधि पूजा का विशेष महत्व है।
रक्षा बंधन
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के संकल्प का पावन त्योहार।
होली (होलिका दहन)
रंगों का त्योहार, जो नकारात्मक शक्तियों के दहन के लिए होलिका दहन से शुरू होता है।
छठ पूजा
सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित प्राचीन वैदिक महापर्व, जो ऊर्जा और आरोग्य प्रदान करता है।
महाशिवरात्रि
शिव की महान रात्रि, जो शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का उत्सव मनाती है।
गणेश चतुर्थी
विघ्नहर्ता और बुद्धिदाता भगवान गणेश के जन्मोत्सव का पावन त्योहार।
कृष्ण जन्माष्टमी
आधी रात को विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्री कृष्ण के अवतरण का पावन जन्मोत्सव।
दशहरा (विजयादशमी)
असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व।
मकर संक्रांति
सूर्य देव के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश का पावन संक्रांति उत्सव।
अक्षय तृतीया
अत्यंत शुभ दिन, जिसमें किया गया कोई भी शुभ कार्य या सोने की खरीदारी अक्षय फल देती है।
राम नवमी
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन जन्मोत्सव का पर्व।
बसंत पंचमी
ऋतुराज बसंत के आगमन का स्वागत और विद्या व कला की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व।
धनतेरस
दीपावली का पहला दिन, जो आरोग्य (धन्वंतरि) और समृद्धि (कुबेर) को समर्पित है।
भाई दूज
भाई-बहन के स्नेह का पर्व, जिसमें बहनें यम और यमुना की भांति भाइयों की लंबी आयु की कामना करती हैं।
गुड़ी पड़वा (उगादी)
सृष्टि की रचना के दिन से शुरू होने वाला हिंदू नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)।
हनुमान जयंती
परम भक्त, शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्मोत्सव का पावन पर्व।
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पर्वत की पूजा and भगवान कृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाने का पर्व।
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)
देवताओं की दीपावली (देव दीपावली), जो त्रिपुरासुर वध की खुशी में मनाई जाती है।
निर्जला एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित सबसे कठिन और पवित्र निर्जला व्रत, जो सभी पापों का नाश करता है।
प्रदोष व्रत
प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में भगवान शिव की पूजा का द्वैमासिक व्रत।
सकष्टी चतुर्थी
भगवान गणेश को समर्पित मासिक व्रत, जिसे रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद ही खोला जाता है।
गुरु पूर्णिमा
महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव पर गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व।
वरलक्ष्मी व्रत
दक्षिण भारत में सुहागिन महिलाओं द्वारा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला वरलक्ष्मी व्रत।
वैकुंठ एकादशी
दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी। मान्यता है कि आज के दिन वैकुंठ के द्वार खुलते हैं।
पोंगल
तमिलनाडु में मनाया जाने वाला चार दिवसीय फसल कटائی का त्योहार, जो सूर्य देव और पशुओं को समर्पित है।
ओणम
केरल का सबसे बड़ा फसल कटائی का त्योहार, जो राजा महाबली के गृह आगमन और वामन अवतार को समर्पित है।